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5 पीरियड बंद होने के लक्षण और कारण जिन्हें आप इग्नोर न करे

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पीरियड बंद होने के लक्षण यानि की माहवारी बंद होने के लक्षण (Symptoms of stopped periods in Hindi) अक्सर महिलाओ में एक उम्र के बाद दिखाई देने लगते है.

जो महिलाये 40-45 साल की हो गयी है अक्सर उनके periods irregular होते जाते है और कई बार पीरियड बंद होने के लक्षण (माहवारी बंद होने के लक्षण) भी दीखते है क्युकी तब उनके मेनोपोज़ (menopause) का समय नजदीक आता जाता है। तो हम इस आर्टिकल में जानेगे की क्या होते है मेनोपोज़ के लक्षण के बारे में।

महिलाओ में पीरियड का आना एक natural process (कुदरती प्रक्रिया) है। सामान्य तौर पर एक स्वस्थ महिला हर 28 दिन के बाद पीरियड में होती है। कई महिला में ये चक्र 21 से लेकर 35 दिनो का भी होता है। पर कभी कभी महिलाओ के पीरियड जल्दी आ जाना और कभी कभी पीरियड का देर से आना उनके स्वास्थ्य के लिए नुक्शानदायक होता है। क्युकी मासिक धर्म की समस्या हर औरतो को होती ही है .

पीरियड बंद होने के लक्षण

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पीरियड बंद होने के लक्षण – मासिक धर्म बंद होने के लक्षण

अगर महिला की उम्र 40 साल से अधिक है और उनको मेनोपोज़ के लक्षण यानि मासिक धर्म बंद होने के लक्षण दिखाई देते है तो उनको मेनोपोज़ यानि की पीरियड रुक जाने की संभावना होती है। 

1. अनियमित पीरियड्स

जिस महिला का मेनोपोज़ नजदीक आता जाता है उनका पीरियड नियमित रूप से होना बंद हो जाता है उनके पीरियड का समय और महीना निश्चित नहीं रहता है और हर महीने महिला का माहवारी नहीं होता है। कई महिलाओ को 40 की उम्र के बाद पीरियड के दौरान ज्यादा और कम मात्रा में bleeding होती है। और पीरियड में होने वाली अनियमितता के कारण ovary में egg का बनना भी कम हो जाता है और धीरे धीरे ovaries निष्क्रिय हो जाती है। और पीरियड रुक जाता है।

2. मूड स्विंग होना

जब महिला का मेनोपोज़ नजदीक आता है तब उनके शरीर में hormonal balance बिखर जाता है और उनके कारण महिलाओ के बार बार मुड स्विंग होते है। मेनोपोज़ के दौरान महिला में भावनात्मक लागणी बढ़ जाती है और इनके कारण उनको बार बार गुस्सा, रोना, तनाव, चिढ़ना, उदासी ये सब मूड स्विंग होते है।

3. अधिक गर्मी लगना

मेनोपोज़ नजदीक आने से महिला के शरीर में गर्मी का प्रमाण बढ़ जाता है बिना किसी कारण से महिलाओ को गर्मी लगने लगती है क्युकी उनके शरीर में hormonal changes होते है। और महिला का पीरियड भी समय पे नहीं आता है तो उनके शरीर से पीरियड के दौरान गर्मी निकल नहीं पाती है तो उनको ज्यादा गर्मी महसूस होती है। जिनके कारण उनको कई बार गर्मी तो कई बार अचानक से ठंडी लगने लगती है।

4. पेशाब पर नियंत्रण न होना

मेनोपोज़ नजदीक आते ही महिला के ब्लेडर (balder) पर से नियंत्रण छूट जाता है। और महिलाओ में पेशाब रोक पाने की क्षमता कम हो जाती है और पहले से अधिक बार पेशाब जाना पड सकता है।

5. सेक्स की इच्छा खत्म होना

कई महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान सेक्स की इच्छा खत्म हो जाती है या बहुत ही कम हो जाती है। उन्हें शारीरिक संबंध बनाने के दौरान दर्द व तकलीफ होती है।

क्या होता है मेनोपोज़ ?

पीरियड का बंद होना या मासिक धर्म का बंद होना (मासिक धर्म का बंद हो जाना) उनको ही मेनोपोज़ कहते है।आम तोर पर महिलाओ का पीरियड में होने का समयचक्र (मासिक धर्म की उम्र) 14 साल से लेकर 50 साल तक का होता है। पर अभी की lifestyle के अनुसार ज्यादातर महिलाओ को early age mesopause यानि की प्री मेनोपॉज हो जाता है। कुछ महिलाओ को 30-40 साल की उम्र में ही पीरियड आना बंद हो जाते है। ये अक्सर किमोथेरापी, सर्जरी, रेडिऐशन थेरेपी, धूम्रपान की वजह से होता है।

जिस महिला का समय से पहले पीरियड में होना बंद (मेनोपोज़) हो जाता है वो महिलाये प्रेगनेंसी कंसीव करना और गर्भधारण की संभावना खो देती है। इस लिए अगर आप भी जानना चाहते है की आखिर क्या होते है पीरियड बंद हो जाने के लक्षण (मेनोपॉज के लक्षण इन हिंदी), पीरियड बंद होने के कारण और उनके उपचार तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए।

कैसे होता है मेनोपोज़ ?

मेनोपोज़ के लक्षण महिलाओ में 40-45 साल की आयु के बाद शुरू होते है। अगर महिला हर महीने पीरियड में ना  होते हुए साल में 3-4 बार हो होती है तो समज लेना चाहिए की ये उनके mesopause की शुरुआत है। धीरे धीरे करते उनकी माहवारी (periods) साल में 1 बार हो जाती है और बाद ने पीरियड आना बंद हो जाता है।

मेनोपोज़ के दौरान रखे यह सावधानी

मेनोपोज़ की प्रक्रिया के दौरान हो सके तो महिलाये मीठा और शक्कर कम खाये। क्युकी उस दौरन ज्यादा मीठा खाने से हड्डियों में दर्द की समस्या हो सकती है। उस दौरान बीपी, डायबिटीज, थायरॉयड  जरुरी है। मेनोपोज़ दरमियान जननांगो की सफाई ज्यादा जरूरी है क्युकी उस वक्त उस जगह पे infection का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपोज़ के दौरान ज्यादा मसालेदार और तीखा खाने से, चाय, कोफी के सेवन से बचे। हमेशा गुनगुने पानी से नाहीये और तनाव से मुक्त रहे।

मेनोपोज़ के दौरान रखे इन बातो का ध्यान

  • मेनोपोज़ के दौरान महिलाओ को अपने डाइट में गाजर,पत्तेदार सब्जिया, टमाटर, पपीता, आवला और अखरोट का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
  • महिलाओ को इस दौरान सोयाबीन ज्यादा खाना चाहिए।
  • नियमित रूप से घूमना, व्यायाम करना, योग करना चाहिये।
  • तनाव से मुक्त रहके किसी भी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए।
तो ये थी जानकारी की आखिर क्या होता है मेनोपोज़ और क्या होते है मेनोपोज़ के बाद period band hone ke lakshan के बारे में।

पीरियड बंद होने के कारण – माहवारी बंद होने के कारण

1. पीरियड का स्किप हो जाना

ज्यादातर महिलाओ का पीरियड साइकिल 28 दिनों का होता है और कई महिलाओ का 21 से लेकर 35 दिनों का होता है . अगर किसी भी महिला का पीरियड स्किप यानि की पीरियड मिस होता है तो उनका एक कारण उनको प्रेगनेंसी ठहर गयी हो वो भी हो सकता है .

यहाँ पर आपको प्रेगनेंसी के अलावा पीरियड मिस होने के कारण बताये गए है आइये वो भी जान ले ,

2. अचानक से वजन का बढ़ जाना

अचानक से वजन बढ़ने की वजह से महिला का hormonal balance बिगड़ जाता है जिनसे उनकी period cycle disturb होती है जिनसे उनके पीरियड बदं या लेट हो जाते है .

3. तेजी से वजन का कम होना

आप अगर ज्यादा एक्सरसाइज कर लेते हैं तो इससे आपके कुछ हार्मोन्स प्रभावित होते हैं जिससे आपके पीरियड्स स्किप हो सकते हैं। अगर आप किसी एक्सरसाइज को या डाइट को फॉलो करके अपना वजन कम करते हैं तो उसकी वजह से भी आपके पीरियड्स स्किप हो सकते हैं।

4. गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन करना

बहुत सी गर्भनिरोधक गोलिया (birth control pills) आपको अधिक होर्मोनेस का डोस देती है जिनसे भी आपके पीरियड रुक सकते है .

5. पीसीओएस

अगर आपको पीसीओएस की समस्या है तो इनके कारण भी आपके periods skip हो सकते है . क्युकी इनसे आपके होर्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है .

6. अधिक स्ट्रेस लेना

ज्यादा स्ट्रेस लेने से भी आपके शरीर में होर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है जो आपके पीरियड बंद होने का कारण बन सकता है .

7. ज्यादा फास्टफूड का सेवन

ऑयली और मसालेदार फास्टफूड आपकी health को नुकशान पहुचाता है . जिस से आपके पीरियड स्किप हो जाते है .

मासिक धर्म किस उम्र में बंद होता है – माहवारी किस उम्र में बंद होती है

Menopause in Women: महिलाओं में सामान्य तौर पर 45 से 50 साल के बाद मासिक धर्म बंद होने का समय आ जाता है . आमतौर पर 50 साल की उम्र पार करने के बाद महिलाओं की माहवारी लगभग खत्म हो जाती है।

उम्मीद है की आपको इस आर्टिकल से पीरियड बंद होने के लक्षण, मेनोपोज़ के बाद मासिक धर्म बंद होने के लक्षण और पीरियड बंद होने के कारण को पहचान ने में मदद मिलेगी।
 
Happy Parenting .
 
 
 

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