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जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें | 15 TIPS बच्चों को सुधारने के लिए

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ज़िद्दी बच्चो को सुधारने के लिए अपनाये ये बहेतरीन तरीके !

 
बच्चों को कैसे सुधारें - jiddi bacho ko kaise sudhare

जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें (jiddi bacho ko kaise sudhare) ये सवाल सब माता-पिता के मन में आते ही है। बच्चे जैसे जैसे बड़े होते जाते हैं वैसा ही माता-पिता (parents) की जिमेदारी बढ़ती जाती है। बच्चे को बड़े करने के साथ साथ उनके खान-पान और उनके व्यवहार को लेकर माता-पिता और चिंतित होते जाते हैं। क्यूकी हर माता-पिता अपने बच्चे को एक आदर्श और ईमानदार व्यक्ति बनाना चाहते हैं।

पर जो छोटे बच्चे होते हैं उनके ऊपर इतना दबाव नहीं होता है जिसकी वजह से बच्चे हैं वो बिगड़ भी सकते है। ऐसे में उनके हर एक बारतव से माता-पिता को परशानी रहती है की Ziddi bacho ko kaise kabu me kare? और जानना चाहते है की बच्चों को सुधारने के टोटके क्या क्या है ?

तो आपको लेख में पूरी जानकारी मिल जाएगी की आखिर बच्चे बिगड़ते क्यों हैं? और अगर बच्चे बिगड़े हुए हैं तो बच्चो को काबू में कैसे करें और बच्चों को कैसे सुधारें !

 

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बच्चे बिगड़ते क्यों है | बिगड़ैल बच्चों को कैसे सुधारें

बच्चे के बिगड़ने का कारण कहीं न कहीं माता पिता की गलती भी हो सकती है। या फिर बच्चे के साथ कोई दुर्व्यव्हार होता है जिसके कारण बच्चे को लोगो से नफ़रत होने लगती है और उससे बच्चे को परेशानी होने लगती है जिसके कारण भी बच्चा ज़िद्दी हो जाता है। अगर बच्चे को जरुरत से ज्यादा लाड-प्यार और जरूरत से ज्यादा डांट मिलती है तो भी बच्चे बिगड़ सकते हैं क्योंकि ये सब से उनके दिमाग पर बुरी असर पड़ती है।

बच्चे का बिगड़ने का कारण और बच्चे बात नहीं मानते का कारण ये भी है की उनकी कोई बात सुनी नहीं जाती बस उसे सिर्फ सूचनाएं (निर्देश) दी जाती है की ऐसा करो वैसा करो इनसे बच्चे को गुस्सा आता है और वो बिगड़ना शुरू हो जाते है।

ये कारण है जिनसे बच्चे हैं वो बिगड़ सकते है। माता-पिता को तो पता भी नहीं होता है की वो बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं उनसे अंजाने में जो गलती होती है उनसे ही बच्चे बिगड़ना शुरू होते हैं।

तो चलिए अब ये जान लेते हैं की,

जिद्दी बच्चों को सुधारने के टोटके क्या क्या है? – जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें

बच्चों को कबू करना बहुत ही आसान है। क्यूकी हर माता-पिता कोशिश करते ही रहते हैं तो ये जानना उनके लिए बहुत मददगार रहेंगा।

बच्चे को काबू में करने या ज़िद्दी बच्चो को सुधार ने से पहले हर माता-पिता को ये कोशिश करनी है की आगे से बच्चे के साथ सही से व्‍यवहार करे ताकी बच्चे जो है वो और ज्‍यादा न बिगड़े और उनको बच्‍चो को कबू करने में आसानी रहे।

बच्चों को सुधारने के टोटके

1. बच्चे के साथ दुर्व्यवहार न करे – बहज से बचे

आपके बच्चे को अच्छा लगता है की आप उनकी बातो को ध्यान से सुने और आप उनकी बातो से सहमत हो। खास करके आप कभी भी बहार हो तो दुसरो के सामने बच्चे के साथ अच्छे से पेश आए और उनके साथ दुर्व्यव्हार ना करे। क्यूकी आपको शायद नहीं पता होगा बच्चो को भी भावनाएं होती है वो सब कुछ समझते है की आपने दुसरो के सामने उसे डांटा और ये बात उनके दिमाग पे बहुत ही बुरी असर डालती है और बच्चे के दिमाग का विकास में बाधा डालती है। 

2. शांत रहे

बच्चे जब कुछ भी ऐसा करते है जो आपकी मर्जी के खिलाफ है या फिर आपको पसंद नहीं आता है तो उस वक्त गुस्सा करने की बजाय आप शांत रहिये और सोचे की बच्चे ने ऐसा क्यों किया। हो सकता है वो उनकी नजर में सही हो। अगर गलत है तो आप उस बात की जड तक जाए की आखिर बच्चे ने ऐसा क्यों किया। क्यूकी बच्चे आखिर वो ही करते है जो वो देखते है। तो आप उस बात का ध्यान रख सकते हैं कि बच्चे दुबारा ऐसा ना करे। क्युकी बच्चे पर गुसा करने से आपको लगता है की बच्चा सुधार जाएगा तो आपकी सोच गलत है क्योंकि, बच्चे गुस्से से नहीं प्यार से समजते है।

बच्चो को परिवारिक परवरिश अच्छी दे

3. बच्चे के साथ जबर्दस्ती बिलकुल न करे

बच्चे के साथ कोई भी जबर्दस्ती न करे जो करने का मन बच्चो का ना हो। क्यूकी जबर्दस्ती करने से बच्चे एक बार वो कर लेगा जो आप चाहते हैं पर बार बार ये करने से बच्चे को गुस्सा आएगा और फिर वो आप जो कहेंगे उसे विपरीत ही करेंगे। इस लिए उसके साथ जबर्दस्ती करने की बजाय उसके साथ मिलजुल कर कम करिये तो बच्चा भी उनका मन नहीं होगा तो भी वो खुशी खुशी कर लेगा। आप ट्राई कर लेना एक बार।

4. बच्चे को विकल्प दे

बच्चे पर हर बात थोपने की बजाये उसे विकल्प दे की उसे क्या करना है। बच्चो का भी अपना दिमाग होता है। वो हमारे हर आदेश को नहीं मान सकते हैं जो हम इस्तेमाल करते हैं ठीक वो ज्यादातर वो ही करेंगे जो उनको अच्छा लगता है। जैसे की आप बच्चो को कहे की रात को जल्दी जाना है कुछ भी हो। तो जल्दी नहीं सोयगे पर उनकी जगह पे आप उन्को बोलेगे की चलो आज कोन सी कहानी सुनाना पसंद करोगे आप? तो बच्चे जल्दी से बोलेगे की ये वाली। और वो कहानी सुनते सुनते सो जाएगे। ऐसा क्यू? सोचा आपने? क्युकी ये बच्चे की मर्जी थी तो उसे मजा आया और आपका भी काम हो जाएगा बिना बच्चे पे अपने विचार थोपे।
 

5. बच्चो को परिवारिक परवरिश अच्छी दे

बच्चे को सही परवरिश जो है वो उनके परिवार से ही मिलती है। बच्चा जैसा दिखता है वो ही करता है अगर घर में ही बड़ो के बिच में बात बात में जगड़े होते हैं तो बच्चे पर भी उनका असर होता है, इसलिए आप बच्चो को जैसा बनाना चाहते हैं वैसा ही वर्तन घर में होना चाहिए और उसी तरह की परवरिश भी आप उनको दे।

 

बच्चे की प्रसन्ना करे | जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें

6. बच्चे की प्रसन्ना करे 

बच्चे को हर बार टोकने या फिर अपने नियम और कायदे बताने की बजाय उनके किए गए काम की प्रशांशा करे जिनसे बच्चे का मनोबल बढ़ेगा और वो धीरे धीरे आपकी बात माने लगेंगे।

7. गलत बातो के बारे में बतायें

बच्चे अगर बहुत ही ज़िद्दी होते है और कुछ भी मान नहीं रहे हैं तो उनको पास बिठाकर आराम से कोई उदाहरण लेके बताये की गलत करने से क्या परिणम आते हैं और वो भी वही कर रहे है तो शायद बच्चे आपकी बाते सुनके उनका व्यव्हार सुधार दे। 

8. बच्चे की हर ज़िद पूरी न करे

बच्चे की हर ज़िद को कभी पूरा न करे क्योंकि बच्चा ज़िद्दी होता है तो वो गुस्सा करता है और माता-पिता उनकी ज़िद पूरी कर देते है। 

अगर आपका बच्चा कोई खिलौना का जिद करता है और वो खिलौना उनके लिए कोई काम का नहीं है तो आप बच्चे को वो खिलौना लेकर नहीं देंगे चाहे बच्चा कितनी भी जिद्द क्यों न करे क्युकी एक तो बच्चों के खिलौने इतने महंगे आते है और बच्चे उसको नहीं पसंद आने पर खेलते नहीं है और फेक देते है इस लिए बच्चो को उनकी जिद के खिलौने लेकर नहीं दे। 

क्युकी ऐसा करने से आपको ही परशानी होगी। अब से अगर बच्चा कोई ऐसा ज़िद करता है जो उनके लिए सही नहीं है वो चाहे कितना भी ज़िद करता है जो उनके लिए सही नहीं है वो चाहे कितना भी रोये रगड़े आपको उनकी बातो पे ध्यान नहीं देना है और फिर बच्चा समाज जाएगा की उनकी ये ज़िद कुछ भी कर ले पूरी नहीं होने वाली तो फिर वो शांत हो जाता है। आपको ऐसा करने में थोड़ा दुख होगा पर ये उनके लिए आगे जाके अच्छा रहेगा।


जिद्दी बच्चों को कैसे सुधारें

9. बच्चे को अपने दोस्तो के साथ घुमने दे

बच्चे को पुरा दिन घर में रखने की बजाये दिन में थोड़ी देर उनके दोस्तो के साथ घूमने जाने दे उनसे वो शेयरिंग सिखते हैं और सबसे खास बात की बच्चे अपनी भावनाओं को अपने दोस्तों के साथ सबसे ज्यादा शेयर है। तो बच्चे को भी अच्छा लगेगा और वो ज़िद और गुस्सा छोड देगा।

10. बच्चे को बात बात पर टोकने से बचे 

बच्चे को आपको हर बात पर ये मत करो, ये क्या कर रहे हो, ये तुमने क्या किया ऐसा हर बार नहीं कहना चाहिए, क्यूकी इस से बच्चे का मनोबल टूट जाता है और गलती से भी किसी बहार वाले के सामने बच्चे को कभी भी गलत सबित ना करे क्युकी इस से बच्चे का आत्मविश्वास कम हो जाता है। आगर आप बच्चे को कुछ सही बताना या समझाना चाहते हो तो शांति से और प्यार से समझाइये। मतलाब की उन्को बात बात पे टोकीये मत।

तो ये थे कुछ topics जिद्दी बच्चों को सुधारने के टोटके यानि की जिद्दी बच्चों को कैसे काबू में करें (jiddi bacho ko kaise sudhareके बारे में जिनको आप ध्यान में रखोगे तो आपका बच्चा है वो ज़िद नहीं करेगा और अगर बच्चा ज़िद्दी भी है तो भी अच्छे से व्यव्हार करने लगेगा। 

Happy Parenting.

 

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