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शिशु के दांत निकलने पर होने वाले दर्द को कम करने के लिए अपनाये यह टोटका

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नवजात शिशु का जब जन्म होता है तब सबसे ज्यादा माता पिता खुश होते है और अपने बच्चे की हर छोटी बड़ी समस्या का ख्याल रखते है। पर उनका बच्चा जैसे जैसे बड़ा होता है तो उनके शरीर में बदलाव होते रहते है। ऐसे में जब बच्चे को दांत आने की शुरुआत होती है तब बच्चा बहुत ही चिड़चिड़ा हो जाता है और कई बार बच्चो को दांत निकलने का दर्द इतना होता है की बच्चा किसी को बता नहीं सकता है और सिर्फ रोता ही रहता है। ऐसे में हर parents बच्चों के दांत निकलना का टोटका (दांत दर्द के घरेलू उपाय) यानि की दांत निकलते समय होने वाले दर्द को कम करने के तरीके को खोजने लगते है।

समान्यतर नवजात शिशु जब 6 महीने का होता है तब उनके पहले दांत आने की शुरुआत होती है। कई बच्चो में दांत 4 महीने की उम्र में भी आ जाते है। बच्चो के दांत जब मसूड़े अंदर से बहार की तरफ निकलते है तब निकलते है। इस लिए बच्चो को दांत निकलने पर दर्द होता है। 

शिशु (baby) के जब दांत (teeth) निकलते है तब उनको बहुत ही दर्द होता है। उस वक्त शिशु को मसूड़ों में दर्द (pain in gums), बच्चों के मसूड़े फूलना, मसूड़ों में खुजली जैसी समस्या होती है क्युकी बच्चो के दांत उनके मसूड़ों को चिर कर बहार निकलते है। और कई बार ज्यादातर बच्चो में मुँह में से लार जैसा प्रवाही भी निकलता रहता है।


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अगर बच्चे को ज्यादा दर्द हो रहा है तो parents उन्हें doctor के पास ले जाते है और डॉक्टर बच्चे को vitamin D और calcium के ड्रॉप्स देते है। पर अगर आप अपने बच्चे को इन सारी दवाइयों से दूर रखना चाहते है तो आपको शिशु के दांत निकलने पर होने वाले दर्द को कम करने के लिए कुछ टोटके अपनाने होंगे।   

अगर आप भी अपने बच्चे के दांत निकलने पर होने वाले दर्द को कम करने के तरीके जानना चाहते है तो आपको इस आर्टिकल में बच्चों के दांत निकलने पर होने वाले दर्द से बचने के टोटके बताये है।


    बच्चों के दांत निकलने का टोटका – बच्चों के दांत दर्द के घरेलू उपाय


     1. फिंगर फ़ूड (finger food) चबाने को दे

    शिशु के जब शुरू के दांत निकलते है तो उनको कोई finger food यानि की गाजर, बीटरूट की लंबी चीर चबाने के लिए दे इस से बच्चे के मसूड़ों में होने वाले दर्द से राहत मिलेगी। 

    2.  बच्चे को टीथर (teether) दे

    बच्चे को जब दांत आने के समय दर्द और खुजली होती है तो उनको कम करने के लिए उन्हें टीथर दे जिनसे बच्चे के मसूड़ों में घिसाव होगा और बच्चे को दर्द और खुजली से राहत मिलेगी। याद रहे की टीथर (टीथिंग रिंग) हमेशा silicon और wood का ही दे। मार्किट में कई तरह के ऐसे टीथर आते है। 

    कभी भी बच्चो को पानी और तरल पदार्थ भरा हुआ प्लास्टिक का टीथर ना दे। इनसे बच्चे को तकलीफ हो सकती है और प्लास्टिक के टीथर को आप sterilize भी नहीं कर सकते जिनकी वजह से बच्चे को infection का भी खतरा रहता है।


    3. पेसिफायर या सुदर दे

    अपने शिशु को पेसिफायर या सुदर चबाने को दे हो सकता है निप्पल को चबाने से उनके मसूड़ों को राहत मिले। 

    4. ठंडी चम्मच का प्रयोग करे

    आप बच्चो के मसूड़ों पर फ्रिज में ठंडी की गयी चम्मच या रुमाल को रख सकते है इस से बच्चो के मसूड़े सुन्न हो जायेगे और उनको दर्द से राहत मिलेगी।

    5. शिशु की मालिश करे

    शिशु की मालिश करने से उनके शरीर में blood circulation अच्छे से होता है और बच्चे को कम दर्द होता है। इस लिए हलके हाथो से बच्चे के शिर की मालिश और पैरों की मालिश करिये।

    6. तरल और ठंडी चीजे पिलाये

    शिशु को दर्द राहत दिलाने के लिए कोई भी तरल चीजे पीला सकते है। हो सके तो माँ का दूध (ब्रेस्टफीड) को बोतल में भर के फ्रिज में ठंडा करके बच्चे को पीला सकते हो। जिनसे बच्चे के मसूड़ों को आराम मिलेगा। क्युकी कोई भी ठंडी चीज मसूड़ों को छूती है तो बच्चो को दर्द में आराम लगता है।


    7. शिशु को आराम करने दे

    अगर आपका शिशु छोटा है तो उनको सोने दे और आराम करने से उनको जबरदस्ती ना उठाये क्युकी बच्चा जितना सोयेगा उतना उनको दर्द में राहत मिलेगी। 

    8. डॉक्टर से consult करे

    कई बार शिशु को दांत निकलते समय शर्दी-खांसी, बुखार, और बच्चो में दस्त, कब्ज, पेट दर्द हो जाते है जीन के कारण आपको उन्हें डॉक्टर को दिखाना चाहिए की क्या यह समस्या शिशु के डांट निकलने की  वजह से हो रही है या कोई और कारण से यह सुनिश्चित करे।

    इसके अलावा आप बच्चे को मसूड़ों में दर्द होने पर शहद चटा सकते हो या मालिश कर सकते हो। हलाकि यह उचित है की नहीं वो उसके बारे में पक्का कहा नहीं जाता। 

    क्युकी pediatrician (बच्चो के निष्णांत) के मत अनुसार शिशु को 1 साल की उम्र तक शहद नहीं पिलाना चाहिए। क्योंकि शहद में क्लोस्ट्रिडियम बोटुलिनम नाम के जीवाणु हो सकते हैं।

    दांत निकलने के दर्द से बचाने के लिए कुछ माँ ये घरेलू टोटके अपनाती है जैसे की बच्चों के दांत निकलने की होम्योपैथिक दवा और हर्बल पावडर का इस्तमाल करती है पर ऐसा कुछ पिलाने से पहले एक बार डॉक्टर को जरूर बताये।

    बच्चे के दांत निकलने के लक्षण और समस्या


    बच्चे के दांत निकलने के लक्षण और समस्या


    शिशु को दांत निकलने के समय उनको सिर्फ मसूड़ों में दर्द और बेचैनी नहीं रहती बल्कि उनके साथ साथ उनको कई सारी दूसरी समस्याएं भी आती है जो यहाँ पर बताई गयी है। हलाकि यह लक्षण और समस्याएं हर बच्चे में नहीं होती है और हर बच्चे को ऐसी तकलीफ हो ऐसा भी जरुरी नहीं है पर ज्यादातर बच्चो को दांत निकलने के समय ऐसी समस्या होती ही है।

    • बच्चे के दांत मसूड़ों को चीर कर बहार आते है इस लिए बच्चे को ज्यादा खुजली होती है इस लिए वो अपने आसपास की सारी चीजे मुँह में डालने लगता है। 

    • बच्चे को दांत आने की वजह से उनके मुँह में से पानी जैसी लार टपकने लगती है

    • बच्चा एकदम से चिड़चिड़ा हो जाता है और रोता रहता है। तो हो सकता है की उनको दांत आने की शुरुआत हो।

    • बच्चो के दांत निकलने के समय उनके मसूड़े सख्त और सूज जाते है।

    • बच्चों में दाँत निकलते समय उनका सिर गर्म रहने लगता है और उनकी आँखें दुखने लगती हैं और कानो में भी खुजली होती है। 

       


    • जो बच्चे गन्दी बोतल से दूध पीते है और hygiene नहीं रहते वो ज्यादा बीमार होते है। 

    • कुछ बच्चे को पाचन में समस्या हो जाती है जिनकी वजह से उनको कब्ज हो जाता है और पेट दर्द भी होता है।
    तो थे कुछ आसान से और सलामत टोटके (बच्चों के दांत निकलने का टोटका) यानि की दांत दर्द के घरेलू उपाय जो आपके बच्चे को दांत निकलने पर होने वाले दर्द को कम करने के लिए बहुत ही मददरूप होंगे। 

    उम्मीद है की आपको यह आर्टिकल से आसानी से और बिना दर्द के बच्चों के दांत निकलने के टोटके पसंद आये होंगे।

    Happy Parenting.

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