शुरुआती दिनों में नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाना चाहिये

अगर आप एक नवजात शीशु की माँ बनी है तो सबसे पहले आपको बहुत बहुत धन्यवाद ! क्युकी प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों से लेकर 9 महीने के इंतजार के बाद और एक बच्चे को जन्म देने के बाद ही एक औरत माँ बनती है। नयी नयी बनी माँ को को शुरुआत में समज नहीं आता है की उनके नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाना चाहिए और शिशु को कितना दूध और कब पिलाना है।



जैसे ही महिला एक बच्चे को जन्म देती है उसी के साथ उनका सबसे पहला काम होता है नवजात शिशु को दूध पिलाना और ये हर नयी बनी हुई माँ के लिए एक चुनौती से कम नहीं होता है। पर जैसे जैसे समय बीतता जाता है तो उनको अंदाजा होने लगता है की नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाना चाहिए और कब पिलाना चाहिए।और नवजात शिशु को स्तनपान किस तरह करवाया जाता है। यानि की नवजात शिशु को दूध कैसे पिलाना चाहिए

नयी बनी हुई माँ ओ के लिए स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) करवाना थोड़ा मुश्किल होता है क्युकी शुरुआती समय में स्तन में थोड़ा भारीपन और दर्द होता है। पर जैसे जैसे बच्चा फीडिंग करता है वैसे वैसे सब ठीक हो जाता है। ऐसे में अगर नयी माँ जानना चाहती है की नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाना चाहिए और नवजात शिशु को दूध कब पिलाना चाहिए तो आपको इस लेख में इसके बारे में सचोट जानकारी मिल जाएगी।



    नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाये

    नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाये


    नवजात शिशु के जन्म से लेकर उनके 1 महीने के होने तक आपको उनको दिन में 8-10 बार फीडिंग (स्तनपान) करवाना है कयुकी बेस्ट मिल्क आसानी से पच जाता है। इसलिए नवजात शिशु बार बार पॉटी कर देता है और बार-बार पेशाब भी कर देता है और ब्रेस्ट मिल्क आसानी से पच जाने की वजह से वह बार-बार भूखा भी होता है। और बार-बार ब्रेस्टफीडिंग (स्तनपान) करवाने से मां के दूध में भी बढ़ावा होता है। 

    अगर आपका बच्चा 1 से 2 महीने का हो जाता है तो आप उसको 7-8 बार फीडिंग (स्तनपान) करवा सकते हो क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता है उसके फीडिंग की फ्रीक्वेंसी भी कम होती जाती है क्योंकि तब बच्चा एक से ज्यादा दूध पी लेता है और वह ज्यादा भूखा नहीं होता।

    शुरुआती दिनों में बच्चे को ज्यादा भूख लगती है क्योंकि तब बच्चा है वह बहुत छोटा होता है उनका पेट जल्दी खाली हो जाता है इसलिए आपको बच्चे को हर एक से डेढ़ घंटे में फीडिंग (स्तनपान) करवाना है पर जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा उस वक्त मां को भी पता चल जाएगा कि बच्चा कब भूखा होता है और उसको कब फीडिंग करवाना है। अगर आपका बच्चा 2 महीने से बड़ा हो जाता है तो आप उसको हर 3 से 4 घंटे में फीडिंग करवा सकते हो पर याद रहे कि बच्चा 3 घंटे से ज्यादा भूखा ना रहे और रात को भी बच्चे को बार बार उठाकर फीडिंग करवाना जरूरी है रात को बच्चे को फीडिंग करवाना बिल्कुल भी ना भूले क्योंकि यह समय बच्चे की growth होने का समय होता है अगर उसको सही समय पर न्यूट्रिशन और स्तनपान ना मिले तो बच्चे की growth और डेवलपमेंट अच्छे से नहीं होती है और उसमें रूकावट आ सकती है। और बच्चे हेल्दी नहीं हो पाते है बल्कि कमजोर बच्चे हो जाते है। 

    फीडिंग में कितना होना चाहिए गेप

    फीडिंग में कितना होना चाहिए गेप


    अगर आपके मन में भी यह सवाल हो रहा है कि बच्चे के फीडिंग (स्तनपान) में कितना गैप होना चाहिए तो यह जब आपका बच्चा 1 महीने का हो जाएगा तब आपको अपने आप पता चल जाएगा कि बच्चा को कितने टाइम में भूख लगती है। इसके लिए आप नोट कर सकते हो कि आप कौन से टाइम पर और कितने टाइम में आप अपने बच्चे को फिड करवा रहे हो और आपका बच्चा कितने समय में भूखा होता है इसके अंदाजे से आप अपने बच्चे को हर 2 घंटे में फीडिंग (स्तनपान) करवा सकते हो। अगर आपका बच्चा फॉर्मूला मिल्क पी रहा है तो भी उसको आप दिन में हर 2 से 3 घंटे में बोतल से फीड करवा सकते हो

    अगर आपका बच्चा फीडिंग करने के बाद तुरंत ही पॉटी कर देता है या फिर पेशाब कर देता है तो आप उसको दोबारा फीडिंग करवा सकते हो क्युकी हो सकता है बच्चे का पेट खाली हो गया हो हालांकि यह समस्या हर बच्चे में अलग अलग होती है।
     

    शिशु को कितनी देर पिलाये दूध

    शिशु को कितनी देर पिलाये दूध


    शुरुआती समय में बच्चे को दोनों ब्रेस्ट से 30-30 मिनट तक फिड करवाइए क्योंकि शुरुआती समय में ब्रेस्ट मिल्क भी कम आता है और बच्चे को फीड करना भी नहीं आता तो इसके कारण बच्चा ज्यादा समय लेता है। जैसे ही बच्चे का पेट भर जाएगा वह अपने आप अपना मुंह है वह निप्पल से हटा देगा इससे आप समझ सकते हो कि बच्चे का पेट है वह भर गया है और जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे बच्चे को भी आदत हो जाएगी और ब्रेस्ट मिल्क भी सही से आने लगेगा तो बच्चे को ब्रेस्टफीड (स्तनपान) करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

    जैसे ही बच्चा 3 महीने से ज्यादा का हो जाएगा तो अपने आप ही उसका समय 10 से 15 मिनट का हो जाएगा। हालांकि यह बिल्कुल मां और शिशु पर निर्भर करता है कितना फीड करें।

    कैसे पता करें बच्‍चे की मिट रही है भूख


    कैसे पता करें बच्‍चे की मिट रही है भूख

    बच्चा भूखा है या नहीं यह शुरुआती दिनों में तो पता नहीं चलेगा पर बच्चा जैसे-जैसे फीडिंग करेगा उसके अगले दिन आपको पता चलेगा कि बच्चा कितना डायपर गिला कर रहा है। यानी कि नवजात शिशु दिन में कितनी बार पॉटी करता है उसके हिसाब से आपको अंदाजा लग सकता है कि बच्चा भूखा है या नहीं।

    अगर आपका बच्चा दिन में 3-4 बार पोटी करता है और 6 से 7 बार पेशाब करता है तो आपको समझ लेना चाहिए कि आपका बच्चा बिल्कुल भी भूखा नहीं है यानी कि उसको जो ब्रेस्टफीड है वह सही तरीके से मिल रहा है। और जैसे-जैसे बच्चा ब्रेस्ट फिड करता जाएगा वैसे-वैसे उसकी पॉटी का रंग है वह हल्का पीला होता जाएगा यानी कि उसको सही तरीके से न्यूट्रिशन और पोषण मिल रहे हैं।

    अगर आपका शिशु टाइट पॉटी करता है यानी कि उसको पॉटी करने में दिक्कत हो रही है तो हो सकता है नवजात शिशु में कब्ज की समस्या हो।तब आपको बच्चे को ज्यादा ब्रेस्टफीडिंग करवाना है इससे बच्चे को सही मात्रा में पानी मिलेगा जिससे बच्चा हाइड्रेट रहेगा और उसकी पॉटी भी अच्छे से होगी। 

    तो यह की पूरी जानकारी कि नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाना चाहिए, नवजात शिशु को कब दूध पिलाना चाहिए और कितनी देर तक दूध पिलाना चाहिए के बारे में। उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आपको इस आर्टिकल से सही जानकारी मिली होगी। 

    Happy Parenting .

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