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जानिए नवजात शिशु में Blood Pressure कितंना होता है

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शिशु में लो ब्लड प्रेशर के लक्षण

 

बच्चा जब जन्म लेता है उनके साथ उनकी health से जुड़े कई सारे सवाल माता-पिता (parents) के मन में होते रहते है उनमे से एक सवाल होता है की नवजात शिशु में Blood Pressure कितंना होता है यानि की नवजात शिशु की BP कितनी होती है ?

हालांकि नवजात शिशु का बीपी बीपी मशीन से नहीं नाप सकते क्युकी बच्चे का हाथ एकदम नाजुक होता है इस लिए डॉक्टर्स कुछ लक्षणों या उनके अनुभव के आधार पर जान लेते है की नवजात शिशु का BP कितना है। इस लिए आप अपने शिशु का BP डॉक्टर्स से ही check करवाइये तो बहेतर रहेगा। इसके अलावा यहाँ पर आपको एक चार्ट दिया गया है जिसमे आप शिशु की उम्र के हिसाब से उनके blood pressure (BP) का नॉर्मल रेंज जान सकते हो।  

 

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नवजात शिशु में Blood Pressure कितंना होता है

ज्यादातर अक्सर जन्म लेने नवजात शिशु का ब्लडप्रेशर लो (low) हो जाता है। हलाकि इनके कई सारे कारण होते है। ज्यादातर प्री मेच्योर जन्मे बच्चो में लो बीपी की समस्या ज्यादा होती है। अगर घर में रहते नवजात शिशु का बीपी लो हो जाये तो उनको पहचानना मुश्किल होता है इस लिए नवजात शिशु में कई ऐसे लक्षण दीखते है जिनसे उनके लो बीपी की परख कर सकते हो। इसके लिए निचे दिए गए कुछ लक्षणों से आप यह पहचान सकती हैं कि आपके बच्चे में निम्न रक्तचाप की समस्या हो रही है।

 

नवजात शिशु में Low Blood Pressure (निम्न रक्तचाप) के लक्षण

अगर आपने ऊपर दिए गए table में से यह जान लिया है की नवजात शिशु में Blood Pressure कितंना होता है और अगर आपको अपने नवजात शिशु का बीपी लो लग रहा है तो आप इन लक्षणों से पहचान सकते हो और डॉक्टर से उनका इलाज शुरू करवा सकते हो।
 
  • शिशु की धड़कन तेज होना
  • शिशु का जोर जोर से सांस लेना
  • शिशु के हाथ पैर नरम होके ठंडे पड जाना
  • शिशु की त्वचा का रंग फीका पड जाना
  • शिशु को बहुत कम या बिलकुल पेशाब ना होना

नवजात शिशु में Low Blood Pressure का कारण

  • बच्चे का प्री मेच्योर पेदा होना (समय से पहले पैदा होना)
  • कई बार डिलीवरी के पहले या बाद में ज्यादा खून बहने के कारण भी बच्चे में लो बीपी समस्या हो जाती है।
  • डिलीवरी के समय माँ को दी गयी दवाइयों के कारण भी नवजात शिशु में लो बीपी हो सकता है।
  • गर्भ के अंदर सही पोषण के अभाव (खून की कमी) से भी शिशु में लो बीपी हो सकता है।
  • डिलीवरी के बाद तरल पदार्थ के ज्यादा बह जाने से भी यह समस्या हो सकती है।
  • जन्म के बाद नवजात शिशु को बहार का वातावरण अनुकूल ना आने की वजह से भी यह समस्या हो सकती है।
  • कई बार कमजोर बच्चे पैदा होते है जिनके कारण भी उनको लो बीपी की समस्या होती है।

शिशु में लो बीपी का इलाज

अगर आपको अपने शिशु के जन्म के बाद ऊपर दिए गए कोई भी लक्षण दीखते है तो आप तुरंत ही doctor से consult करे। क्युकी ऐसी स्थिति में doctors बच्चो को कोई अतिरक्त के इंजेक्शन लगाते है।
 
नवजात शिशु का बीपी सामान्य करने के लिए उन्हें खास तरह के मशीन में रखा जाता है जिनसे उनका बीपी सामान्य हो जाता है।
 
बच्चे में खून की कमी के रहते अगर उनका ब्‍लड प्रेशर लो हुआ है तो बच्चे को रक्त चढ़ाया जाता है ताकि बच्चा जल्दी सामान्‍य हो सके।
 
नवजात शिशु को बीमारी के समय में हमेशा डॉक्टर की देखरेख में रखे ताकि उनको कोई खतरा और इन्फेक्शन ना हो।
 
इसके अलावा भी नवजात शिशु में high Blood Pressure (उच्च रक्तचाप) की समस्या भी होती है पर ज्यादातर मामलो में लो बीपी की ही समस्या होती है।
 
तो ये थी जानकारी की नवजात शिशु में Blood Pressure कितना होता है और लो बीपी होने के लक्षण, कारण और उनके उपचार के बारे में जानकारी। उम्मीद है की आपको इस आर्टिकल से सही जानकारी मिली होगी।
 
Happy Parenting. 
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