प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए | Best sleeping position in pregnancy

किसी भी औरत के लिए माँ बनना बहुत ही सौभग्य की बात होती है उन्ही के साथ साथ उन्हें अपनी प्रेगनेंसी के दौरान बहुत से सवाल मन में उठते रहते है उनमे से एक है की प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए (pregnancy me kaise sona chahiye). तो आपको इस आर्टिकल में प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए (best sleeping position in pregnancy) उनके बारे में बताया गया है। जिससे आपको अपनी प्रेगनेंसी की journey को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

Best sleeping position in pregnancy – प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव होते है क्युकी उनका शरीर एक नन्ही सी जान को अपने गर्भ में पालने के लिए तैयार होता है। जैसे जैसे गर्भवस्था के कुछ हप्ते बीत जाते है ऐसे ऐसे महिलाओं को उठने बैठने और सोने में कई तरह की परेशानी महसूस होती है।

ज्यादातर महिलाओ को गर्भवस्था के दौरान जी मचलाना, मितली, बेचैनी, शरीर में दर्द जैसी समस्या होती है और ऐसे में वो ठीक से नींद नहीं ले पाती है ऐसे में उनको पीठ के बल और पेट के बल सोने का मन करता है पर बच्चे की सेहत के लिए उन्हें पीठ के बल और पेट के बल सोने से मना किया जाता है।

प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए | Best sleeping position in pregnancy
प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए इमेज

4 month की pregnancy के बाद महिलाओ ज्यादातर सोने और सोकर उठने में बहुत ही परेशानी होती है। ऐसे में वो सोचती है की आखिर किस करवट और कैसे सोना चाहिए और प्रेग्नेंसी में कितनी देर सोना चाहिए जिससे उसे और बच्चे को कोई परेशानी ना हो। क्युकी गर्भवस्था में माँ के सोने की position से बच्चे की सेहत पर सीधा सीधा असर होता है इस लिए माँ को यह जान लेना बहुत ही जरुरी है की आखिर किस करवट और कैसे सोया जाए।

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प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए – Best sleeping position in pregnancy

आपको बता दे की प्रेगनेंसी में 3 पड़ाव होते है जैसे की पहली तिमाही (1st trimester), दूसरी तिमाही (2nd trimester), तीसरी तिमाही (3rd trimester).

पहली तिमाही कैसे सोना चाहिए – पहली तिमाही में आप पीठ के बल सो सकती है क्युकी शुरूआती 3 महीने में शिशु का वजन इतना ज्यादा नहीं होता है और आपका पेट भी बहुत ही कम होता है तो उस समय आपको पीठ के बल सोने से कोई परेशानी नहीं होती है।

दूसरी तिमाही कैसे सोना चाहिए – दूसरी तिमाही यानि की 4th month से आपके गर्भ में रहे शिशु का वजन धीरे धीरे बढ़ने लगता है और uterus की size बढ़ने लगती है जिसकी वजह से आपके पेट में भारीपन महसूस होने लगता है और पीठ के बल सोने पर आपके गर्भाशय का सारा वजन आपके पीठ पर चला जाता है जिससे आपको पीठदर्द या कमरदर्द की समस्या भी हो सकती है। इस लिए दूसरी तिमाही में जितना हो सके उतना बायीं करवट (left side) लेकर सोये।

तीसरी तिमाही कैसे सोना चाहिए – best sleeping position in pregnancy -तीसरी तिमाही यानि की 7th month से आपको बायीं करवट लेकर ही सोना है क्युकी बायीं करवट लेकर सोने से आपके गर्भ में पल रहे शिशु को oxygen सही मात्रा में मिलता है। जिससे बच्चा healthy रहता है और उनका विकास अच्छी तरह से होता है। हमारी पीठ शरीर के निचले हिस्से से heart तक खून को पहुँचाती है ऐसे में तीसरी तिमाही में पीठ के बल सोने से आपको कब्ज, अपचा, गैस जैसी तकलीफ हो सकती है। इस लिए आप जितना हो सके उतने बायीं करवट लेकर सोये और अपने घुटने थोड़े मोड़ के दोनों पैरो के बिच में तकिया रखकर सोये।

प्रेगनेंसी में कैसे नहीं सोना चाहिए

प्रेगनेंसी में पेट के बल बिलकुल नहीं सोना चाहिए और पीठ के बल भी नहीं सोना चाहिए क्युकी पीठ के बल सोने से रीड की हड्डी और कमर पर दबाव आता है जिससे आपको कमरदर्द, पैर के दर्द की समस्या हो सकती है और पीठ के बल सोने से बच्चे तक ब्लड और ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता है।

प्रेगनेंसी में कितनी देर सोना चाहिए

प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए यह जितना मायने रखता है उतना ही मायने लगता है की कितनी देर सोना चाहिए। आपको बता दे की आपकी नींद का सीधा असर आपके पेट में पल रहे बच्चे पर होता है। इसलिए जरुरत से ज्यादा या कम सोना नुक्शानदायक हो सकता है। आपको अपनी प्रेगनेंसी के दौरान कम से कम 8 घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए और हो सके तो दिन में भी थोड़ी देर सोना चाहिए।

प्रेगनेंसी में कम नींद लेने से क्या होता है

प्रेगनेंसी में कम नींद का प्रभाव सीधा पेट में पल रहे शिशु पर होता है। कम नींद लेने से गर्भ में शिशु तक ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता है और नींद पूरी न होने की वजह से शिशु तक ब्लड अच्छे से नहीं पहुंच पाता है जिससे बच्चे के ह्रदय की गति धीमी हो जाती है और बच्चे में खून की कमी भी हो सकती है और यह शिशु के विकास में बाधारूप हो सकता है। कम नींद के कारण प्रेग्नेंट महिला के शरीर में hormones imbalance होने के chances रहते है।

प्रेगनेंसी में सीधा सोना चाहिए या नहीं

Pregnancy में शुरूआती 2 महीने तक आप सीधा सो सकती है क्युकी उस वक्त आपका गर्भ बहुत ही छोटा होता है लेकिन 3 महीने से आपको सीधा बिलकुल भी नहीं सोना चाहिए क्युकी तब गर्भ धीरे धीरे बढ़ने लगता है और आपको सीधे सोने में और उठने में पेट और पीठ पर दबाव आता है। सीधा सोने से आप अच्छे से breathing नहीं कर पाते और गर्भ में रहे बच्चे तक भी oxygen सही मात्रा में नहीं पहुँचता है। इस लिए आप दायी या बायीं करवट लेकर सोये।

प्रेगनेंसी में सोते समय ध्यान में रखे यह बाते

प्रेगनेंसी के दौरान हर एक महिला को सोने में तकलीफ होती ही है। प्रेगनेंसी में बायीं तरफ सोना ज्यादा फायदेकारक होता है क्युकी बायीं करवट सोने से महिला के शरीर का blood circulation अच्छे से होता है। इसके अलावा महिला के पेट को सपोर्ट मिले उस तरफ करवट लेकर भी सोना चाहिए जिससे बच्चे और माँ दोनों को साँस लेने में दिक्क्त ना हो।

प्रेगनेंसी में पेट या पीठ के बल न सोये

प्रेगनेंसी में पेट के बल तो कभी भी नहीं सोना चाहिए क्युकी शिशु पर दबाव पड़ता है। जैसे जैसे गर्भवस्था बढ़ती है वैसे वैसे महिला को पीठ के बल सोने में परेशानी हो सकती है। पीठ के बल सोने से महिला को कमरदर्द, पेरदर्द जैसी समस्या होने लगती है।

सोते वक्त स्पेशियल तकिये का इस्तमाल करे

प्रेगनेंसी में आपको अपने आरामदायक तकिये का इस्तमाल जरूर करना चाहिए जिससे आपको अच्छे से नींद आये और आपके बच्चे को भी कोई परेशानी ना हो। आजकल market में special pregnancy pillow भी आ रहे है यह आपको ज्यादा आरामदायक रखेगा।

रात में सोते समय दोनों पेरो के बिच में तकिया रखे

प्रेगनेंसी में रात को सोते समय आप अपने दोनों पैरो को घुटने से मोड़ के दोनों पेरो के बिच में एक तकिया अवश्य रखे इससे आपके pelvic area, uterus और balder पर मासपेशियो का दबाव कम पड़ता है और आप अच्छे से नींद ले पाते हो और यह आपके कमर को भी आराम देगा।

सोने के समय गरम दूध का सेवन करे

प्रेगनेंसी में रात में सोने के समय आप गर्म दूध का सेवन अवश्य करे इससे आपको अच्छी नींद आएगी और आपके गर्भ में पल रहे शिशु को energy भी मिलेगी। इस लिए आप रात में सोते समय गरम दूध का सेवन करके relax होकर सो सकती है।

रात के भोजन में ज्यादा मसालेदार चीजों का सेवन न करे

आप रात के समय मसालेदार या ज्यादा तला हुआ खाना खाते है तो इससे आपको रात के समय एसिडिटी होने की संभावना रहती है और आपको गंदी गंदी डकार भी आ सकती है यह आपकी नींद को भी disturb कर सकती है। इसके अलावा आप रात के भोजन में खट्टी चीजे या फल का सेवन भी ना करे।

रात के भोजन के बाद कुछ कदम पैदल चले

आप अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए रात के भोजन के बाद अवश्य चले जिससे आपका पाचन सही से होगा और आपको कब्ज, एसिडिटी, अपचा जैसी समस्या नहीं होगी। प्रेगनेंसी में walk करने से आपका ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है जिससे माँ और बच्चा healthy रहता है।

प्रेगनेंसी में अच्छी नींद आने के लिए क्या करे

हर महिला को प्रेगनेंसी में सोने में कई सारी समस्या होती है तो आपको कुछ टिप्स बताये गए है जो आपको काफी मददरूप रहेंगे।

  • रात को बायीं करवट लेकर सोये और पेरो को मूड के दोनों पेरो के बिच में तकिया रखे। जरुरत है तो पेट की निचे भी तकिया रखे जिससे आप पेट को support मिलेगा और आपको अच्छे से नींद आ पाए।
  • रात के भोजन में ज्यादा भारी खोराक न खाये बिलकुल हकला भोजन ले।
  • हो सके उतना आप अपना कमरा और बिस्तर साफ सुतरा रखे यह अच्छी नींद के लिए बहुत ही जरुरी है।
  • सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी से स्नान अवश्य करे जिससे आप relax हो सके।
  • अपने सिर, हाथ पैर की मालिश भी करे जिससे आपके शरीर में से थकवाट दूर हो और आप तनावमुक्त हो सके।

तो यह थी प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए, pregnancy me kaise sona chahiye (best sleeping position in pregnancy) और प्रेगनेंसी में कैसे नहीं सोना चाहिए उनके बारे में detail में जानकारी।

उम्मीद है की यह जानकारी आपको प्रेगनेंसी के दौरान अच्छी नींद लाने में आपको मदद करेगी।

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