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copper t | कॉपर टी क्या है संपूर्ण जानकारी

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copper t – कॉपर टी क्या है ? आजकल नव दंपति अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए कई सारे उपाय आजमाते हैं जिसमें कॉपर टी (copper t) भी शामिल है। कॉपर टी (copper t) महिलाओं के लिए गर्भ निरोधक साधन है.

जिससे महिला गर्भधारण को रोक सकती हैं।अगर आप जानना चाहते हैं कि कॉपर टी क्या है कॉपर टी (copper t) को कैसे लगाते हैं कॉपर टी (copper-t) को कैसे निकालते हैं। कॉपर टी लगवाने के बाद कितने दिन ब्लीडिंग होती है क्या कॉपर टी लगाने के बाद प्रेगनेंसी रूकती है और क्या है कॉपर टी के फायदे और नुकसान के बारे में तो आपको इस लेख में कॉपर टी क्या है के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी।

कॉपर टी क्या है (copper t)| कॉपर टी के बारे में संपूर्ण जानकारी

कॉपर टी महिलाओं में प्रेगनेंसी कंसीव ना करने के उपाय में ज्यादातर उपयोग की जाने वाला साधन है। 10 में से 8 महिलाएं अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए कॉपर टी लगवाती है। पर हर महिला को कॉपर टी क्या है उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। और कॉपर टी को लेकर महिलाओं के मन में कई सारे सवाल उठते हैं जिसका जवाब आपको इस लेख में मिल जाएगा।

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कॉपर टी क्या है

अगर आप भी जानना चाहते हो की कॉपर टी क्या है तो आपको बता दे की कॉपर टी एक गर्भनिरोधक साधन है जिसका उपयोग महिला के लिए किया जाता है। इस महिला की शादी हो गए हो और बच्चे की मां हो उसके लिए कॉपर टी का इस्तेमाल ज्यादा होता है। क्योंकि कॉपर टी  का इस्तेमाल करके अनचाहे गर्भ को रोक सकते हैं।
कॉपर टी एक छोटा सा उपकरण होता है जो तांबा (copper) और प्लास्टिक (plastic) से बना होता है। जिसको महिला के गर्भाशय में लगाया जाता है जिससे महिला अनचाहे गर्भ को रोक सकती है और महिला जब भी चाहे तब उस कॉपर टी को निकाल के गर्भधारण कर सकती है।

कॉपर टी कैसे काम करती है

टी के आकार में बने इस उपकरण के चारों ओर लिपटा कॉपर गर्भाशय को प्रभावित करता है और जिससे आप गर्भधारण नहीं कर पाती हैं। इस उपकरण का कॉपर गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय के अन्य तरल के साथ मिलकर उसमें कॉपर यानि तांबे की मात्रा को बढ़ा देता है।
कॉपर की अधिक मात्रा के कारण यह द्रव शुक्राणुनाशक के रूप में काम करता है। जिससे गर्भाशय में पहुंचने वाले शुक्राणु इसके संपर्क में आने के बाद नष्ट हो जाते हैं। शुक्राणुओं के नष्ट होने से महिलाओं में ओवुलेशन के वक्त बनने वाला अंडा निषेचित नहीं हो पाता है और इससे महिला pregnant नहीं हो पाती है।
 
यह पांच वर्षों के लिए गर्भनिरोध संबंधी सुरक्षा प्रदान करती है। ये उपकरण आकार में बहुत छोटे होते हैं और प्लास्टिक के बने, कॉपर (तांबा) में लिपटे अंग्रेजी के T अक्षर के आकार में आते हैं। भारत में आईयूडी (IUD), कॉपर-टी के नाम से बाजार में बिकती है।
कॉपर टी डलवाने के बाद प्लास्टिक आसपास तांबे के आयन निकालने लग जाती है। यह तांबे के आयन गर्भाशय से निकलने वाले तरल पदार्थ के साथ मिल जाते हैं। इस तरह महिलाएं गर्भवती होने से बची रहती हैं।
 

कॉपर टी लगाने की विधि – copper t कहां लगती है

अगर आप भी जानना चाहते हो को कॉपर टी कहां लगती है तो copper t के T आकर के दोनो छेड़ो को नीचे की तरफ झुका के एक पतली पाइप में लगाकर उसको महिला के गर्भाशय के अंदर फैलोपियन ट्यूब के मुंह पर छोड़ दिया जाता है। 
जैसे ही कॉपर टी को वहां पर छोड़ते हैं तो उसके दोनों छेड़े फेलोपियन ट्यूब के मुंह पर फिट हो जाते हैं और कॉपर टी अपना काम करना शुरू कर देती है। 
 
कॉपर टी लगवाने के बाद यह एक गर्भ निरोधक साधन की तरह अपना काम शुरू कर देती है और अनचाहे गर्भ को रोकती है एक बार copper-t लगवाने के बाद यह सालों तक चलती है अगर आप भी कॉपर टी लगवाना चाहते हो तो उसके लिए आपको अनुभवी डॉक्टर के पास ही लगवानी चाहिए।
 

कोपर टी को कैसे निकाले – कॉपर टी घर पर कैसे निकाले

कॉपर टी (copper t) बहुत ही आसान तरीके से निकाले जा सकती है। इसके लिए आपको डॉक्टर की जरूरत होगी। copper t निकलवाने के बाद एक ही महीने में 30 से 40% गर्भधारण की संभावना हो जाती है जो धीरे-धीरे बढ़ जाती है।

कॉपर टी के निचले भाग पर एक धागा होता है, जिसको बाहर की ओर खिंचने से कॉपर टी आसानी से बाहर निकल आता है। डॉक्टर फोरसेप (Forceps/ छोटा सा चिमटा) से इसको बाहर निकाल देते हैं। 

कॉपर टी को निकालते समय कई महिलाओं को दर्द और रक्त स्त्राव की समस्या होती है। यह रक्तस्त्राव पीरियड (periods) यानी कि मासिक धर्म (menstrual cycle) की तरह नहीं होता धीरे-धीरे यह रक्त स्त्राव अपने आप ठीक हो जाता है।

अगर आपकी कॉपर टी की अवधि पूरी हो गई है तो आपको तुरंत ही वह copper-t निकलवाकर दूसरी कॉपर टी (copper-t) लगवानी चाहिए।इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से थोड़े थोड़े महीनों में जाँच करवाती रहनी चाहिए।

कॉपर टी कब लगवानी चाहिए?

महिला के मासिक धर्म (period) के बाद 5 से 7 दिन के बीच copper t लगाई जाती है। कॉपर-टी की सफलता दर 98% है। यह डिवाइस इंटरनल पार्ट (internal part) के काफी अंदर तक लगाई जाती है, जिससे शारीरिक संबंध बनाते समय यह आपको बाधारूप नहीं होती है।
 

कॉपर टी की कीमत

 
अगर कॉपर टी की कीमत की बात करें तो यह उनकी गुणवत्ता और कितने समय की अवधि के लिए है उसके ऊपर आधारित है। आमतौर पर कॉपर टी 300-500 रुपये की आ जाती है। आप इसको किसी भी मेडिकल से या फिर डॉक्टर के पास से ले सकते हो।
  

कॉपर टी लगाने के फायदे

अगर कॉपर टी लगाने के फायदे की बात करें तो नीचे दिए गए कॉपर टी लगाने से फायदे आपको  मिल सकते है।
 
1. कॉपर टी लगाने के बाद आप अनचाहे गर्भधारण से बच सकते है जिस से आपकी प्रेगनेंसी नहीं होती यह इसका सबसे बड़ा फायदा यह है। 
 
2. कॉपर टी में किसी भी प्रकार का हॉर्मोन मौजूद नहीं होता है और यह किसी भी प्रकार की दवा के साथ प्रतिक्रिया नहीं देती है। 
 
3. कॉपर टी लगवाने के बाद अगर कोई महिला गर्भधारण करना चाहती है तो इसको आसानी से निकाला जा सकता है और दोबारा गर्भधारण किया जा सकता है। 
 
4. कॉपर टी लगवाने के बाद महिला को अनचाहा गर्भधारण होने के तनाव से मुक्ति मिलती है। 
 
5. कॉपर टी गर्भनिरोधक साधनों में सबसे सस्ता और लंबे समय तक चलने वाला साधन है जिसको आप कम से कम 5-8 साल तक बिना खर्च किये उपयोग कर सकते हो। 
 
6. कॉपर टी सभी गर्भनिरोधक साधनो में से सबसे ज्यादा इस्तमाल किया जाने वाला साधन है।

कॉपर टी से नुकसान

कॉपर टी लगवाने के फायदों के साथ साथ कुछ उसके नुकसान भी होते है जो कुछ इस तरह के है।

1. रक्तस्त्राव होना

कॉपर टी लगवाने के बाद काफी सारी महिलाओं को बार-बार खून आने की समस्या का सामना करना पड़ता है और काफी महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेडू के निचले हिस्से में दर्द होता है जो की यह समस्या समय रहते ठीक हो जाती है।

2. कॉपर टी का अपनेआप बहार आ जाना

कई महिलाओं में कॉपर टी लगवाने के बाद अपने आप बाहर निकल जाती है। ऐसा भाग्य से ही किसी महिला को होता है जो महिलाएं बच्चे को जन्म देने के बाद तुरंत ही कॉपर टी लगवा दी है या फिर जिस महिला ने कभी प्रेगनेंसी कंसीव ना की हो उस महिला में ज्यादातर यह समस्या होती है। 

3. संक्रमण होना

कॉपर टी लगवाने से कई सारी महिलाओं को इंफेक्शन हो जाता है जिससे उसको रेसिस हो जाते हैं या योनि के अंदर के हिस्से में खुजली होने लगती है। तब उसके पास कॉपर टी निकलवाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होता है और उसको कोई और गर्भनिरोधक साधन को चुनना पड़ता है।

4. गर्भाशय में समस्या होना

कई महिलाओ को कॉपर टी लगाने के बाद गर्भाशय में कभी-कभी चोट लग जाती है जिसके कारण उसको को तुरंत ही कॉपर टी को निकाल देना चाहिए क्योंकि गर्भाशय में चोट लगने की वजह से आपको काफी समस्या आ सकती है।

5. यौनसंक्रमण का खतरा

कॉपर टी लगाने के बाद महिलाओं में यौन संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है इसलिए महिला को कॉपर टी लगवाने के बाद यौन संक्रमण से बचने का उपाय ढूँढना पड़ता है। 

कॉपर टी किसे नहीं लगवानी चाहिए?

  • जो प्रेग्नेंट हो
  • जिसमें गर्भाशय में रोग हो
  • पेल्विस में सूजन हो
  • periods में दर्द होता हो
  • खून की कमी हो
  • एक्टोपिक प्रेगनेंसी हुई हो आदि।
  • योनि से आसामान्य खून जाता हो
  • एसटीडी हो
कॉपर टी लगवाने के बाद कितने दिन ब्लीडिंग होती है
कॉपर टी (copper t) लगवाने के बाद कुछ दिनों तक हलकी सी ब्लीडिंग होती है हलाकि सभी महिलाओ में ये नहीं होता है। कॉपर-टी लगवाने के बाद यह शरीर में महसूस नहीं होती है, लेकिन इसे लगवाने के बाद कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान मरोड़ और अधिक ब्लीडिंग हो सकती है। 
ऐसे में आईबूप्रोफेन दवा लेने पर आराम मिल सकता है जिन महिलाओं को कॉपर-टी लगवाने के बाद मासिक धर्म के दौरान बहुत अधिक मरोड़ हो रही हो, उन्हें गर्म पानी की थैली से सिकाई करनी चाहिए।
कॉपर टी निकलवाने के बाद कितने दिन ब्लीडिंग होती है

कॉपर टी निकलवाने के बाद कुछ महिलाओ को ब्लीडिंग होती है और वह इतनी ज्यादा भी नहीं होती है। कुछ घंटे के लिए रहती है फिर बंद हो जाती है। अगर ब्लीडिंग बहुत लम्बे समय तक रहती है और ज्यादा होती है तो एक बार doctor से consult करे।

तो ये थी संपूर्ण जानकारी की कॉपर टी क्या है, कॉपर टी लगवाने के बाद कितने दिन ब्लीडिंग होती है, कॉपर टीके फायदे, कॉपर टी से नुकसान, कॉपर टी घर पर कैसे निकाले, कॉपर टी कहां लगती है के बारे में।
 
उम्मीद है की आपको इस लेख से कॉपर टी क्या है के बारे में सारी जानकारी मिल गयी होगी। 
 
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